चोरी की कार से आए थे लुटेरे; नंबर प्लेट फर्जी, चेसिस नंबर घिसे हुए, 3.5 किमी दूर कार छोड़ बाइक-ऑटो से फरार.

 
  • मानसरोवर में कैश वैन लूट में चोरी की कार पर थे 5 बदमाश
  • मुरलीपुरा में ज्वेलरी शॉप की लूट में भी चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल किया 3 बदमाशों ने

मानसराेवर में आईसीआईसीआई बैंक के पास नाेटाें से भरे बाॅक्स कैश वैन में रखते बदमाश जिस कार से आए थे, वह चाेरी की निकली। कार पर लगी नंबर प्लेट फर्जी लगाई गई थी। कार में एक नंबर प्लेट और मिली है, जाे टैक्सी गाड़ी की है। यह नंबर प्लेट भी फर्जी है। पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाशाें ने कार जयपुर के बाहर से चुराई थी।

साढ़े तीन किलोमीटर दूर मुहाना में कार काे लावारिस छाेड़ने के बाद दाे बदमाश बाइक और दो ऑटाे से गए थे। ऑटाे के आधार पर पुलिस काे कई क्लू मिले हैं। एडिशनल कमिश्नर अजयपाल लांबा का कहना है कि ऑटाे से फरार बदमाशाें को क्लू के आधार पर ट्रेस किया जा रहा है।

क्राइम सीन; मानसरोवर स्थित आईसीआईसीआई बैंक, चलती कार में बॉक्स से रुपए बैग में भरे, बॉक्स कार में छोड़ा

कमल सिंह शनिवार दाेपहर 2 बजे बैंक से कंधे पर बॉक्स उठाकर कैश वैन के पास आया। तभी एक कार से निकले बदमाश ने कमल पर गोली चलाई और बॉक्स उठाकर भाग गए। गोली कमल के पेट में लगी। भीम सिंह पर बदमाशों ने कार चढ़ा दी, पैर कुचल दिए और उसकी बंदूक भी छीन ले गए। कमल के पास खड़े गनमैन अल्केश ने बदमाशों पर फायर किया, जिससे कार का शीशा टूटा।

कमल सिंह

कमल सिंह

भीम सिंह

भीम सिंह

इलाके को घेर सर्च ऑपरेशन चलाया, पुलिस खाली हाथ

लूट के बाद ऑटो और बाइक से फरार हुए बदमाश।

लूट के बाद ऑटो और बाइक से फरार हुए बदमाश।

घटना के बाद बदमाशों की कार करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर मुहाना में एक अपार्टमेंट के पास खाली मैदान में खड़ी मिली, जिसमें लूटे गए दाेनाें बॉक्स और एक गार्ड की बंदूक रखी थी, लेकिन बदमाश कैश काे बैगों में भरकर ले गए। जहां कार मिली, वहां देर शाम पुलिस का भारी जाब्ता पहुंचा।

अपार्टमेंट और आसपास के इलाके में 200 से ज्यादा पुलिसवालों ने सर्च ऑपरेशन चलाया, शहरभर में नाकाबंदी की गई, लेकिन बदमाशों का सुराग नही लगा। पुलिस काे शक था कि बदमाश आसपास के इलाके में हाे सकते हैं। एडिशनल डीसीपी अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि बदमाशों की कार मिल गई, लेकिन उसकी नंबर प्लेट फर्जी थी। अंदर भी एक टैक्सी नंबर की प्लेट पड़ी थी, वह भी फर्जी थी। बदमाशों ने चेसिस नंबर घिस रखे थे। गाड़ी के मालिक का पता लगा रहे है।

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